तुम्हारी प्रतीक्षा में | कविता

bundle-of-old-love-letters-tied-with-ribbon-and-blossom-lee-avison

तुम्हारा हर प्रेमपत्र
पत्रिका का एक संग्रहणीय अंक की तरह है
यह सोचकर
मैं इसे दिल-रूपी डायरी में
नोट कर लेता था
कभी मिलो
तो मैं तुम्हें बताऊं
कि इन प्रेमपत्रों का विशेषांक
कैसे मेरे दिल के छापेखाना से
छपकर तैयार रखा है
तुम्हारी प्रतीक्षा में
तुम्हारे ही हाथों विमोचन के लिए।

You may also like...

Leave a Reply

Your email address will not be published.