उन्मुक्त उड़ान : एक परिचय

अभिव्यक्ति और सृजन का अन्योन्याश्रित संबध है। सृजन में संपूर्णता है और निर्जीव वस्तुओं में स्पंदन भर देना ही सृजनात्मकता है। लेखनी की क्षमता समस्त विषमताओं के बीच भी एक जीवंत वातावरण तैयार करने में समर्थ है। प्रत्येक मानव मष्तिष्क अतुलनीयज्ञान का आगार है। भूत, भविष्य एवं वर्तमान का समस्त ज्ञान प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप में जन्म से ही मनुष्य में उपलब्ध होते है। सृजन के प्रति ललक पैदा होने पर ज्ञान का वही अजस्र स्रोत अभिव्यक्ति के रूप में फूट पड़ता है, तब अपने पराये का भान मिट जाता है और अंतर मन बोल उठता है –

आज हवाओं को यह बात बताना है, उन्मुक्त उड़ान हर दिल में जगाना  है।
जिन दिलो में है अरमान आसमान छूने का, उनके अरमानों का एक आशियाँ बनाना है।

वर्तमान में समय, समाज और राष्ट्र के प्रति जनमानस को जागृत करने में जनसंचार माध्यमों का ससक्त योगदान है। मीडिया क्रांति ने सम्पूर्ण विश्व से जुड़ने का सुनहरा अवसर प्रदान किया है। उन्मुक्त उड़ान पत्रिका भी विश्व पटल पर जनमानस की अनुभूति को सृजनात्मक मंच प्रदान करने का एक सकारात्मक प्रयास है। पत्रिका आम आदमी के सुख -दुःख की चिंता, उसकी उम्मीदों और अरमान का पोषक तथा आधुनिकतम जानकारियों एवं असीम संभावनाओं की तलाश का द्योतक बने; वैज्ञानिक सोच ,साहित्यिक चिंतन एवं सांस्कृतिक मंथन की त्रिवेणी आपके स्नेहपूर्ण सुझाव से सम्पूर्णता प्राप्त करे यही आशा और विश्वास है।

आपके मन में उठ रहे तमाम प्रश्नों को हमने एक धागे में पिरोने की कोशिश की है, आशा है आप उन्मुक्त उड़ान को और बेहतर ढंग से समझ पाएँगे।