नई कृतियाँ : ताज़ी हवा के झोंके

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खोता बचपन | कविता

मैने देखा खोता बचपन सड़कों व गलियारों में नन्हे-नन्हे हाथों से चुनते कूड़ा चौबारों में जंग जीतनी है जिनको बढ़ते...

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मजदूर |  कविता

मैं मजदूर हूँ । किस्मत से मजबूर हूँ । सपनों के आसमान में जीता हूँ, उम्मीदों के आँगन को सींचता...

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अम्बेडकर जयंती | कविता

संघर्ष और सफलता की अद्भुत मिसाल, आधुनिक भारत के निर्माता, भारतीय विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ और समाजसुधारक आदरणीय डॉo- भीमराव अम्बेडकर...

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संवेदनशील नारी-मन। कविता

देख-देख हरण-चीरहरण, धिक् दुर्जन, कर्त्तव्य धिक्कारता, सुनता है रुदन, भावाभिव्यक्ति जटिल, सुन मानव, कोई मदद को पुकारता, एक कोरा कागज,...